Har ek prem kahaani main,
mera hi kissa aata hai..........
surat main apni dekhu,
aur nazar woh aata hai..........
सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती, महज़ मुस्कराने से....
फिर भी बाज नही आते लोग, बुरा सा मुँह बनाने से...
जो पढ़ते हो आज मुझमें, मुझे कल वो बदलना नहीं आता…
आज अखब़ार हूँ तुम्हारी खातिर,,
कल शायद सिर्फ़ एक कागज़ का टुकड़ा रह जाउंगी ...
तुम पल पल मुझसे लड़ते, हो फिर भी क्यों अच्छे लगते हो...
बात है शर्मीली सी, फिर कहने से क्यों डरते हो..
लो आज तुम्हें ये कह डाली, तुम अपने अपने से लगते हो...
सोचती हूं क्या उसे नींद आता होगा ..?
या मेरी तरह सिर्फ अश्क बहता होगा ..?
वो मेरी शक्ल मेरा नाम भूलने वाला ,,
अपनी तस्वीर से क्या आंख मिलाता होगा ..?
टूट गया दिल पर अरमान वही है,,
दूर रहते हैं फिर भी प्यार वही है,,
जानते हैं की मिल नहीं सकते,,
फिर भी इन आँखों में इंतज़ार वही है .
मेरी यादों से बच निकलो तो वादा है मेरा तुम से,,
मैं खुद दुनियां से कह दूंगी कमी मेरी वफ़ा में थी..